शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2011

पतंग की सीख



   
श्याम सुन्दर अग्रवाल
नीला, पीला, बैंगनी,
काला हरा और लाल।
किसी रंग में देख लो,
पतंग है चीज कमाल।

बंधकर पतली डोर से,
आसमान तक जाती।
नीले नभ को जान समंद्र,
गोते खूब लगाती।

छोटी है तो क्या हुआ,
ऊँची मंजिल पाती।
चलती तेज हवाएँ तो भी,
जरा नहीं घबराती।

ऊँची सोच पालना बच्चो,
बाधा से न घबराना।
पतंग की अच्छी सीख को
तुम जीवन में अपनाना।
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पिछले बीस माह के दौरान ‘बाल संसार’ के दर्शकों से आशा से कहीं अधिक प्यार मिला है। इसके लिए मैं आप सब की बहुत आभारी हूँ। स्वास्थ्य ठीक न रहने के कारण अब मैं ‘बाल संसार’ को आगे बढ़ा पाने में कठिनाई महसूस कर रही हूँ। अब आपके इस ब्लॉग की जिम्मेदारी श्री अजय विश्वास को सम्भाल रही हूँ। आशा करती हूँ कि वे आपकी आशाओं पर खरे उतरेंगे।
-किरण गुप्ता