रविवार, 19 जुलाई 2009

मुन्ने की नाव










कागज
की नाव
मम्मी ने बनाई।
वर्षा के पानी में
मुन्ने ने चलाई।
तेज-तेज पानी ने
खूब दौड़ाई।
***

1 टिप्पणी:

अबयज़ ख़ान ने कहा…

धीरज भाई...मस्त है.. बचपन में हमने भी बहुत नाव चलाई थी।