मंगलवार, 30 जून 2009

वर्षा आई



काले-काले बादल आए,
छाई घटा घनघोर।
चमक-चमक के बिजली गरजी,
खूब मचाया शोर।

लगी चहकने चिड़िया रानी,
नाची खूब गिलहरी।
बच्चों ने इतना शोर मचाया,
दादी हो गई बहरी।

***

3 टिप्‍पणियां:

‘नज़र’ ने कहा…

बहुत सुन्दर

---
विज्ञान । HASH OUT SCIENCE

Udan Tashtari ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

वाह. सुंदर.