रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ के दो शिशु गीत

1.मोर आसमान में उड़ते बादल उमड़-घुमड़ जब करते शोर। रंग-बिरंगे पंख खोलकर खूब नाचता है तब मोर। ****
2. मुर्गा बोला
मुर्गा बोला कुकुड़ू कूँ जाग उठा मैं, सोता तू। सूरज भी अब जाग गया दूर अँधेरा भाग गया। बिस्तर छोड़ो उठ जाओ मुँह धोकर बाहर आओ। |
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4 टिप्पणियां:
बहुत सुन्दर!!
हिमांशु जी के दोनों गीत बहुत प्यारे लगे.
गीत पढ़कर मजा आ गया, बहुत खूब।
अच्छी बाल कविता..।
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