बुधवार, 10 नवंबर 2010

पहेलियाँ-10

1.कान नहीं हैं, नाक नहीं है,

सीने पर कई दांत।

बिन मुख गाऊँ सभी राग मैं,

सदा करूँ रसीली बात।


2.सूरज-सा मेरा नाम है,

उस सा ही रूप बनाऊँ।

उसकी ओर ही करके मुखड़ा,

संग-संग चलता जाऊँ।


3.श्याम वर्ण और तीखे दांत,

लचक-लचक चले नारी।

जिससे मिले उसी को काटे,

तो भी लोग कहें उसे ‘आ री’।


4.रात-रात भर खुशबू देती,

खूब खिलाती फूल।

दिन निकले तो फूलों को,

महकाना जाती भूल।


5.हजारों घूमें बाग-बाग में,

मुँह से लाकर किया इकट्ठा।

उन्हें भगा कोई लूट ले गया,

रस चीनी से भी मीठा।

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उत्तर:1.हारमोनियम 2.सूरजमुखी 3. आरी 4. रजनीगंधा 5. शहद

3 टिप्‍पणियां:

Akshita (Pakhi) ने कहा…

वाह, एक से बढ़कर एक...बधाइयाँ.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

पहेलियों से बहुत सुन्दर पोस्ट सजाई है आपने!
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बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
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आपकी पोस्ट की चर्चा तो बाल चर्चा मंच पर भी है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/11/28_15.html

kartika ने कहा…

वाह.....बहुत सुंदर पहेलियाँ.....मेरी सहेली सोनिया को भी बहुत ही पसंद आई यह पोस्ट....