बृहस्पतिवार, 13 जनवरी 2011

क्या कहती है घड़ी ?


डॉ. नागेश पांडेय 'संजय'



टिक-टिक, टिक-टिक, करे घड़ी,

क्या कहती है अरे , घड़ी?

कहती– जो चलते जाते हैं,

वे अपनी मंजिल पाते हैं।

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1 टिप्पणियाँ:

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत सही !!