गुरुवार, 5 अगस्त 2010

काले बादल जाओ


घर में पानी, गली में पानी

भर कर बादल हंसते हो।

टीचर गया है छुट्टी पर क्या

जो इतने मस्ते हो।


पतंग उड़ानी बंद हो गई

बंद हुए सब खेल।

बुरा हाल कर दिया हमारा

घर बन गया जेल।

*****

3 टिप्‍पणियां:

Akshita (Pakhi) ने कहा…

पतंग उड़ानी बंद हो गई

बंद हुए सब खेल।

बुरा हाल कर दिया हमारा

घर बन गया जेल।

...Bahut sundar geet.

Rahul Singh ने कहा…

मस्‍ते शब्‍द का सुंदर प्रयोग. पहली बार यह प्रयोग देखा.

Sonal ने कहा…

baarish se kahi sukun hai kahin behaali..maansoon aaya bhi to kuch sukh dukh lekar...

Meri Nayi Kavita par aapke Comments ka intzar rahega.....

A Silent Silence : Naani ki sunaai wo kahani..

Banned Area News : One of the world's most wanted cyber-criminal nabbed