सोमवार, 28 जून 2010

माचिस की तीली जलती कैसे है?








बच्चो, जब भी हमें कभी कोई चीज जलानी होती है तो अकसर हम माचिस का प्रयोग करते हैं। माचिस की डिबिया से हम एक तीली निकालते हैं और उसे माचिस की कम चौडाई वाली साइड पर रगड़ते हैं। रगड़ने पर तीली जल उठती है। तुम्हारे मन में प्रश्न तो उठता ही होगा कि रगड़ने पर माचिस की तीली को आग कैसे लग जाती है?

बच्चो, तुमने यह तो देखा ही होगा कि माचिस की तीली को आग केवल तभी लगती है, जब उसे माचिस की साइड वाली खुरदरी सतह पर रगड़ा जाता है। अगर हम किसी अन्य खुरदरी सतह पर तीली को रगड़ें तो वह जलती नहीं। माचिस की खुरदरी सतह फास्फोरस के योगिकों से बनी होती है। फास्फोरस जरा सी ऊष्मा पाते ही चिंगारी देने लगती है। माचिस की तीली के काले सिरे पर पोटाशियम क्लोरेट लगा होता। पोटाशियम क्लोरेट काफी ज्वलनशील पदार्थ होता है। इसे माचिस की खुरदरी सतह पर रगड़ने से ऊष्मा पैदा होती है। ऊष्मा मिलते ही सतह से चिंगारी निकलती है। इस चिंगारी से तीली के सिरे पर लगा ज्वलनशील पदार्थ जलने लगता है। इस तरह जलती है तीली।

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5 टिप्‍पणियां:

उन्मुक्त ने कहा…

और माचिस की खुरदरी सतह पर माचिस की तीली को ऊष्मामिलती है घर्षन (friction) के कारण।

Akshita (Pakhi) ने कहा…

अले वाह, कित्ती अच्छी जानकारी दी..
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'पाखी की दुनिया' में 'कीचड़ फेंकने वाले ज्वालामुखी' जरुर देखें !

निर्मला कपिला ने कहा…

बच्चों के लिये अच्छी जानकारी धन्यवाद्

अनामिका की सदाये...... ने कहा…

बच्चो के लिए अच्छी जानकारी.

दीनदयाल शर्मा ने कहा…

फास्फोरस...और...पोटाशियम क्लोरेट ....... पोटाशियम क्लोरेट काफी ज्वलनशील पदार्थ होता है... इसे माचिस की खुरदरी सतह पर रगड़ने से ऊष्मा पैदा होती है......... ऊष्मा मिलते ही सतह से चिंगारी निकलती है........ बच्चो के लिए अच्छी जानकारी है...... धन्यवाद.....